E gold
E gold गोल्ड बहुत तेजी से प्रचलित हो रहा है E goldके इतने लोकप्रिय होने का कारण इसके साथ जुड़ी हुई कुछ सुविधाएं हैं जो फिजिकल गोल्ड खरीदने के साथ नहीं है जैसे फिजिकल गोल्ड को खरीदने पर उसके स्टोरेज और शुद्धता की दिक्कत होती है लेकिन ओल्ड के साथ ऐसा नहीं है
E gold मतलब इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड यह एक ऐसा वर्ड है जो अपने आप में ही अपना मीनिंग बताता है मतलब सोने के इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में उसे खरीदना सोना जनरल एक फिजिकल सेट है जिससे हम फिजिकल रूप में खरीदते हैं लेकिन आजकल मार्केट में हम सोने को डीमैट अकाउंट में शेर की तरह भी खरीद सकते हैं हम ऐसा गोल्ड ईटीएफ के थ्रू करते हैं इसमें सोने के बराबर कीमत की हमारे अकाउंट में यूनिट ट्रांसफर कर दी जाती हैं और जब हमें उन यूनिट को बेचते हैं तो उस समय जो गोल्ड की कीमत होती है उसकी कीमत के आधार पर उन्हें यूनिट से ऐसा मिल जाता है इन यूनिट की कीमत गोल्ड की कीमत के अनुसार ही गति और घटती है
इसमें यह भी सहूलियत होती है फिर निवेशक जब चाहे तब इसे फिजिकल गोल्ड के रूप में मांग सकता है इसके लिए आपका किसी ने किसी एजेंसी में डीमैट अकाउंट होना जरूरी है
ई गोल्ड की शुरुआत हमारे देश में सबसे पहले एनएसईएल यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड के द्वारा हुई
एनएसईएल द्वारा जब गोल्ड की इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में बिक्री की शुरुआत की गई तो उसके साथ-साथ उसने गोल्ड में बेहतरीन रिटर्न भी दिए और निवेश के लिए ट्रांजैक्शन पोस्ट भी कम रखी जिस वजह से सोने की खरीद और बिक्री में यह सब सहूलियतें मिलने की वजह से लोगों का इस ओर बहुत अधिक रुझान बढ़ गया
एनएसईएल में 2010 में की गोल्ड की ट्रेडिंग शुरू हुई फिजिकल कमोडिटी में डायरेक्ट इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग कि यह शुरुआती अवस्था ही थी इससे पहले यह विदेशों के अन्य मार्केट में तो फिजिकल कमोडिटी की ट्रेनिंग होती थी और भारत में ऐसे 2010 से ही शुरुआत माना जाता है गोल्ड का यह इलेक्ट्रॉनिक शुरू होने के बावजूद इस में सोने का जो नाम है वह फिजिकल गोल्ड के बराबर ही रहता है और जब मार्केट में सोने का दाम बढ़ता है या घटता है तो ही गोल्ड का दाम भी उसी अनुसार घटता और बढ़ता है इसके साथ ही यह भी बता दूं मैं आपको कि भारत में ही लगभग हर शहर में गोल्ड का दाम में आप को थोड़ा बहुत अंतर मिल जाएगा दिल्ली मुंबई कोलकाता और चेन्नई चारों शहरों के दाम मैं आप eको थोड़ा बहुत फर्क मिलेगा लेकिन इस गोल्ड का मूल्य पूरे देश में एक ही रहता है
इसमें यह भी सहूलियत होती है फिर निवेशक जब चाहे तब इसे फिजिकल गोल्ड के रूप में मांग सकता है इसके लिए आपका किसी ने किसी एजेंसी में डीमैट अकाउंट होना जरूरी है
ई गोल्ड की शुरुआत हमारे देश में सबसे पहले एनएसईएल यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड के द्वारा हुई
एनएसईएल द्वारा जब गोल्ड की इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में बिक्री की शुरुआत की गई तो उसके साथ-साथ उसने गोल्ड में बेहतरीन रिटर्न भी दिए और निवेश के लिए ट्रांजैक्शन पोस्ट भी कम रखी जिस वजह से सोने की खरीद और बिक्री में यह सब सहूलियतें मिलने की वजह से लोगों का इस ओर बहुत अधिक रुझान बढ़ गया
एनएसईएल में 2010 में की गोल्ड की ट्रेडिंग शुरू हुई फिजिकल कमोडिटी में डायरेक्ट इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग कि यह शुरुआती अवस्था ही थी इससे पहले यह विदेशों के अन्य मार्केट में तो फिजिकल कमोडिटी की ट्रेनिंग होती थी और भारत में ऐसे 2010 से ही शुरुआत माना जाता है गोल्ड का यह इलेक्ट्रॉनिक शुरू होने के बावजूद इस में सोने का जो नाम है वह फिजिकल गोल्ड के बराबर ही रहता है और जब मार्केट में सोने का दाम बढ़ता है या घटता है तो ही गोल्ड का दाम भी उसी अनुसार घटता और बढ़ता है इसके साथ ही यह भी बता दूं मैं आपको कि भारत में ही लगभग हर शहर में गोल्ड का दाम में आप को थोड़ा बहुत अंतर मिल जाएगा दिल्ली मुंबई कोलकाता और चेन्नई चारों शहरों के दाम मैं आप eको थोड़ा बहुत फर्क मिलेगा लेकिन इस गोल्ड का मूल्य पूरे देश में एक ही रहता है
E gold सुविधाजनक स्थिति उस व्यक्ति के लिए हो जाती है जो व्यक्ति अक्सर कर गोल्ड को खरीदकर नहीं रखना चाहते और उसकी सुरक्षा पर अतिरिक्त ध्यान नहीं देना चाहते साथ ही जिन को फिजिकल गोल्ड की आवश्यकता भविष्य में कभी पड़ने वाली है तो वह चाहते हैं कि उन्हें सोने का दाम आज की डेट में ही देना पड़े ऐसी स्थिति में आप आज गोल्ड खरीद कर रख सकते हैं और वह आपके इलेक्ट्रॉनिक अकाउंट यानी डीमैट अकाउंट में इलेक्ट्रॉनिक रूप में रहता है जो आप आज की कीमत पर खरीदते हैं लेकिन जब आपको जरुरत हो उसको फिजिकल फॉर्मेट में आप बदल सकते हैं और उस दिन आप के आज के खरीदे हुए गोल्ड की जो कीमत होगी वह उस दिन के हिसाब से मिल जाएगी या आपको अगर सोना चाहिए तो उसकी फिजिकल डिलीवरी की व्यवस्था होने पर वह भी मिल सकता है फिजिकल डिलीवरी की व्यवस्था देश में कुछ ही शहरों में अवेलेबल है साथ ही इसके लिए आपको कुछ ग्राम गोल्ड होना चाहिए जिसकी मात्रा भी निश्चित है उससे कम होने पर फिजिकल गोल्ड की डिलीवरी नहीं मिलती है
यह उन लोगों के लिए भी सबसे ज्यादा अच्छा है जो अक्सर कर नौकरी पेशा है और एक शहर से दूसरे शहर में ट्रांसफर पोस्टिंग जाते रहते हैं ऐसे लोगों के लिए इसमें यह फायदा है कि उन्हें सोना लेकर एक शहर से दूसरे शहर में नहीं जाना होता है क्योंकि फिजिकल गोल्ड खोने या चोरी होने पर आपको बहुत ज्यादा नुकसान होने की संभावना रहती है जबकि गोल्ड आपके अकाउंट में है उसमें आपको नुकसान की कोई संभावना नहीं है जब तक कि आप अपने किसी अकाउंट का पासवर्ड और डिटेल्स किसी को नहीं देते हैं या आपका अकाउंट गलती से हैक नहीं हो जाता है
कीबोर्ड छोटे-छोटे निवेशक या नौकरीपेशा लोग जो थोड़ा थोड़ा पैसा जमा करके सोना खरीदना चाहते हैं उनके लिए भी बहुत अच्छा सौदा है वह हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा लगाकर थोड़ा-थोड़ा गोल्ड खरीद कर अपने अकाउंट में रख सकते हैं इसके लिए आजकल एसआईपी SIP सिस्टम लगभग हर बैंक ने या बहुत सारी एजेंसीज ने शुरु कर रखा है उन के माध्यम से आप खरीद कर रख सकते हैं गोल्ड की फिजिकल डिलीवरी देश के सिर्फ 13 शहरों में ही उपलब्ध है आगे चलकर यह और भी शहरों में मिल सकती है इसके साथ ही यह 1 ग्राम 8 ग्राम 10 ग्राम 1 किलोग्राम इस तरह के यूनिट या उसके गुणांक में ही मिल पाता है इसके साथ ही ही गोल्ड में कोई भी मिलावट आज होने की संभावना नहीं रहती है जब इसकी फिजिकल डिलीवरी एनएसईएल के द्वारा की जाती है तब वह इसका स्टांप पेपर पर लिख कर भी देते हैं और अपनी मुहर लगा कर देते हैं
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