Stock exchange

स्टॉक एक्सचेंज - यह शब्द अक्सर शेयर बाजार में सुनने में आता है स्टॉक एक्सचेंज या शेयर बाजार लगभग एक ही शब्द है स्टॉक एक्सचेंज दर्शन वह जगह है जहां पर प्रतिभूतियों की खरीददारी या बिक्री की जाती है अर्थात जहां पर हम शेयर खरीद या बेच सकते हैं और इनकी खरीद व बिक्री एजेंटों के माध्यम से होती है इसे हम स्टॉक मार्केट कहते हैं यहां प्रतिभूतियों से मतलब इक्विटी के शेर डिबेंचर्स यानी गणपत सरकार द्वारा निकाले जाने वाले बांड पूर्वाधिकार शेयर अर्थात प्रिफरेंस शेयर आदि से है
स्टॉक एक्सचेंज को आप सरल भाषा में ऐसे समझ सकते हैं जैसे यह कोई हॉट या बाजार हो जहां पर आप जाते हैं और कोई भी सामान किसी दुकानदार से खरीद सकते हैं जो मार्केट में उस वस्तु की रेट चल रही होती है इस प्रकार स्टॉक एक्सचेंज वह जगह है जहां पर आप शेयरों की खरीद बिक्री प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री या किसी सिक्योरिटी की खरीद-बिक्री करते हैं पहले यह बिक्री करने के लिए कागजों पर काम होता था और स्टांप पेपर पर लिखकर दिया जाता था तब आप किसी भी स्टॉक एक्सचेंज में किसी भी कंपनी के शेयर लेने के लिए पैसे जमा करते थे और आपको स्टांप पेपर पर लिख कर उतने शेयर्स सिक्योरिटी आज दे दिया जाता था लेकिन अब यह सब ऑनलाइन हो गया है और इनके लिए एक अकाउंट खुलवा दिया जाता है जिसे डीमैट अकाउंट कहते हैं और इन सब शेरों आदि का लेखा जोखा आपके डीमैट अकाउंट में रहता है
स्टॉक एक्सचेंज में शेयर का व्यापार या लेनदेन केवल उन्हीं प्रतिभूतियों का होता है जो उस स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड होते हैं यानी सूचीबद्ध होते हैं भारत में इस समय 23 स्टॉक एक्सचेंज कार्यरत हैं
1 . BSE मुंबई( Bombay stock exchange)
2. NSE  मुंबई ( National stock exchange)
3. OTC मुंबई
4. कोलकाता
5. Delhi
6. Chennai
7. अहमदाबाद
8. इंदौर
9. कोचीन
10. बेंगलुरु
11. हैदराबाद
12. कानपुर
13. लुधियाना
14. गुवाहाटी
15. पुणे
16. मैंगलोर
17. पटना
18. जयपुर
19. बड़ौदा
20. भुवनेश्वर
21.  तिरुवंतपुरम
22. कोयंबटूर
23. मेरठ
इसके अतिरिक्त एक स्टॉक एक्सचेंज राजकोट मैं भी था जिसका लाइसेंस 2007 में किसी कारणवश सस्पेंड कर दिया गया था
ऊपर दी गई लिस्ट में कुछ परिवर्तन भी हो सकता है क्योंकि यह जानकारी मैंने भी किताबों और इंटरनेट से पड़ी है
स्टॉक एक्सचेंज में आप प्रतिभूतियों की खरीद बिक्री सीधे ही नहीं कर सकते जिस तरह से बाजार में कोई भी सामान खरीदने के लिए आपको दुकानदार के पास जाना पड़ता है उसी तरह से स्टॉक एक्सचेंज में लाइसेंस होल्डर दलाल होते हैं जिन्हें सिक्योरिटी एजेंसी कहा जाता है इन्हे किसी भी व्यक्ति के लिए शेयर खरीदने का अधिकार प्राप्त होता है इन दलाल या सिक्योरिटी एजेंसी का एक कमीशन फिक्स होता है जिस कमीशन पर यह प्रतिभूतियों की खरीद बिक्री किसी भी व्यक्ति के लिए करते हैं इस कमीशन को ब्रोकरेज कहा जाता है
इस तरह के दलाल या सिक्योरिटी एजेंसी बहुत सारी हैं जो किसी भी एक स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध रहती हैं आजकल तो लगभग सभी बैंकों ने अपनी सिक्योरिटी एजेंसी बना रखी हैं जैसे HDFC सिक्योरिटी एजेंसी ICICI सिक्योरिटी एजेंसी SBI सिक्योरिटी एजेंसी आदि इसके अलावा बहुत सारे प्राइवेट ग्रुप भी हैं जो सिक्योरिटी एजेंसी या दलाल के रूप में मार्केट में काम करते हैं जैसे एंजेल ब्रोकिंग रेलीगेर मोतीलाल ओसवाल आज कई सारे नाम बहुत प्रसिद्ध हैं


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